ऑस्ट्रेलिया अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ही चैंपियन नहीं है, बल्कि इसे अब्रॉड एजुकेशन के लिए भी जाना जाता है। खास बात यह है कि यूएस और यूके के बाद ऑस्ट्रेलिया एक ऐसा देश है, जिसे भारतीय छात्र कई कारणों से पसंद करते हैं। इनमें दो कारण मुख्य हैं-पहला, ऑस्ट्रेलिया की कुछ यूनिवर्सिटी की वर्ल्ड-रैंकिंग यूके एवं यूएस यूनिवर्सिटीज की तरह ही काफी अच्छी है। दूसरा, ऑस्ट्रेलिया की किसी भी यूनिवर्सिटी में पढना यूके और यूएस की अपेक्षा कम खर्चीला होता है। यही वजह है कि वहां की यूनिवर्सिटीज में भारतीय स्टूडेंट्स की संख्या काफी है। एजुकेशन के दौरान ऑस्ट्रेलिया में पार्ट टाइम जॉब करने की भी अनुमति है। इस कारण भी भारतीय स्टूडेंट्स अब्रॉड एजुकेशन के लिए वहां जाना पसंद करते हैं। बहरहाल, आईटी, इंजीनियरिंग, बिजनेस स्टडी आदि कुछ ऐसे प्रमुख क्षेत्र हैं, जिनकी उच्चस्तरीय फैकल्टी और सुविधाओं के कारण ऑस्ट्रेलिया इस मामले में काफी लोकप्रिय होता जा रहा है।
पॉपुलर कोर्स
ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों में आईटी, बिजनेस एवं इंजीनियरिंग से संबंधित कोर्सो के अलावा आर्ट्स एवं एग्रीकल्चरल साइंस के विषय भी काफी लोकप्रिय हैं। जो स्टूडेंट्स कला और रचनात्मक क्षेत्रों से संबंधित विषयों में ऑस्ट्रेलिया की किसी भी यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेना चाहते हैं, वे निम्नलिखित विषयों में से किसी एक को चुन सकते हैं :
फैशन डिजाइनिंग
इंटीरियर डेकोरेशन
ज्यूलॅरी डिजाइनिंग
ग्राफिक डिजाइनिंग
फिल्म मेकिंग आदि
कोर्स अवधि
अगर आप ऑस्ट्रेलिया की किसी भी यूनिवर्सिटी से मास्टर कोर्स करना चाहते हैं, तो एक से दो वर्ष की अवधि में पूरा कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि यहां के कुछ मास्टर कोर्स एक वर्ष की अवधि में, तो कुछ ऐसे भी कोर्स हैं, जिन्हें दो वर्ष की अवधि में पूरा कर सकते हैं। वहीं, रिसर्च स्टडी के लिए कुल तीन वर्ष की अवधि निर्धारित की गई है।
योग्यता
मास्टर कोर्स में आवेदन करने के लिए स्टूडेंट का स्नातक होना जरूरी है, जबकि रिसर्च स्टडी के लिए भी स्नातकोत्तर होना आवश्यक है। हालांकि रिसर्च के लिए आवेदन करने वाले जो अभ्यर्थी किसी प्रकार की अतिरिक्त योग्यता और अपने फील्ड में कार्यानुभव रखते हैं, उन्हें दाखिले में वरीयता दी जाती है। इसके अलावा, अंग्रेजी का उच्चस्तरीय ज्ञान और आईईएलटीएस (इंटरनेशनल इंग्लिश लैंग्वेज टेस्टिंग सिस्टम) में बेहतर अंक पाना जरूरी है।
प्रवेश प्रक्रिया
चूंकि ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों का एजुकेशन सिस्टम लगभग एक जैसा ही है, इसलिए ऑस्ट्रेलिया में दाखिले के लिए किसी विशेष प्रवेश परीक्षा का प्रावधान नहीं है। हां, वीजा पाने के लिए और वहां के किसी भी यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के लिए कुछ शर्ते जरूर पूरी करनी होती हैं। जहां तक आवेदन प्रक्रिया की बात है, तो आम तौर पर यहां आप संबंधित यूनिवर्सिटी के वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, इन्हीं वेबसाइट्स से आवेदन संबंधी जरूरी जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
अपने आवेदन पत्र के साथ आपको निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करने होंगे :
शैक्षिक प्रमाण पत्रों की प्रतियां
रेज्यूमे द्य अनुशंसा पत्र
आईईएलटीएस अंक पत्र आदि।
कहां करें संपर्क?
ऑस्ट्रेलिया के किसी भी विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी और वीजा संबंधी तमाम सूचनाओं को आप भारत स्थित ऑस्ट्रेलियाई दूतावास से प्राप्त कर सकते हैं। ऑस्ट्रेलियाई दूतावास (दिल्ली) का पता है 1/50-जी, शांतिपथ, चाणक्यपुरी, पोस्ट बॉक्स-5210, नई दिल्ली-110 021, ई-मेल : austhighcom.newdelhi@d fat.gov.au
ऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा हासिल करना यूएस और यूके से कम खर्चीला है।
भारत की तरह एजुकेशन सिस्टम होने के कारण वहां किसी खास प्रवेश परीक्षा की जरूरत नहीं होती।
हां, अंग्रेजी के ज्ञान की जांच के लिए आईईएलटीएस स्कोर कार्ड जरूर मांगा जाता है।
आईटी, इंजीनियरिंग, बिजनेस स्टडी आदि ऑस्ट्रेलिया के पॉपुलर कोर्स हैं।
ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख यूनिवर्सिटीज
यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, सिडनी www.uts.edu.au
यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स www.unsw.edu.au
रोयाल मेलबोर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (आरएमआईटी) www.rmit.edu.au
ला ट्रॉब यूनिवर्सिटी www.latrobe.edu.au
जेम्स कुक यूनिवर्सिटी www.jcu.edu.au
ग्रिफ्थ यूनिवर्सिटी www.griffith.edu.au
यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी www.usyd.edu.au
सीमा झा
Tuesday, March 18, 2008
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment