Friday, November 14, 2008

लतीफ़े

एक शराबी एयरपोर्ट के बाहर खड़ा था। एक वर्दीधारी युवक उधर से गुजरा। शराबी ने उससे कहा एक टैक्सी ले आओ।

युवक (शराबी से)- मैं पायलट हूं, टैक्सी ड्राइवर नही।

शराबी (युवक से)- नाराज क्यों होते हो भाई? तो एक हवाई जहाज ले आओ।


संता और बंता कुतुबमीनार को देखकर आपस में बातचीत कर रहे थे।

संता (बंता से)- इतनी ऊंची मीनार लिटाकर बनाई गई होगी?

बंता- नहीं बेवकूफ, ये कुआं है, जो उल्टा रखा हुआ है।


पति (पत्नी से)- आज मेरे पैंट की जेब से 100 रुपये गुम हो गए हैं।

पत्नी (पति से)- तुम्हें 100 रुपये की पड़ी है, मेरी सोने की अंगूठी पता नहीं कहां गिर गई।

पति-चिंता मत करो, वह मुझे उसी पैंट की जेब में मिली है जिसमें 100 रुपये थे।


बेटा- पिताजी हमारे मास्टर जी की स्मरण शक्ति बहुत कमजोर है।

पिताजी- तुम्हें कैसे पता?

बेटा- हमसे वे मुंहजबानी पाठ सुनते हैं और स्वयं किताब लेकर पढ़ाते हैं।


चमन लाल- डॉक्टर साहब, मैंने चाबी निगल ली।

डॉक्टर- कब?

चमन लाल- सर, करीब तीन महीने पहले।

डॉक्टर- तुम अब तक क्या कर रहे थे?

चमन लाल- में डुप्लीकेट चाबी इस्तेमाल कर रहा था, लेकिन अब वो भी खो गई है।

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